Sunday, December 15, 2013

प्यार मोहब्बत की शायरी

तुझे देखे बिना कभी जी न सके,

तुझे सोचे बिना कभी लिख न सके.

मैं तो तेरे लिए चुनके लाया गुलाब,

सामने आई तुम, तुझे दे न सके.

मेरी नजरों में बस एक तमन्ना रही,

अपना दर्दे-जिगर हम दिखा न सके.

जांनिसारों में तुम हमें न रखो,

आज तक अपनी जां हम पा न सके.


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