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Tuesday, May 9, 2017

नज़र ने नज़र से मुलाक़ात कर ली

तेरी हर अदा मोहब्बत सी लगती है,
एक पल की जुदाई मुद्दत सी लगती है,

पहले नही सोचा था अब सोचने लगे है हम,
जिंदगी के हर लम्हों में तेरी ज़रूरत सी लगती है


नज़र ने नज़र से मुलाक़ात कर ली,
रहे दोनों खामोश पर बात करली,

मोहब्बत की फिजा को जब खुश पाया,
इन आंखों ने रो रो के बरसात कर ली

Saturday, April 18, 2015

नज़र ने नज़र से मुलाक़ात कर ली

हर मुलाकात को याद हम करतें हैं,
कभी चाहत कभी जुदाई कि आह भरते है,
यूं तो रोज़ तुम से सपनो मे बात करते हैं पर,
फिर से अगली मुलाकात का इन्तज़ार करते है!!

कागज़ पे हमने ज़िन्दगी लिख दी,
अशकों से सींच कर खुशी लिख दी,
दर्द जब हमने उबारा लफज़ो पे,
लोगो ने कहा वाह क्या गज़ल लिख दी.

उलफत का अकसर यही दस्तूर होता है,
जिसे चाहो वही दूर होता है.
दिल टुट कर बिखरते हैं इस कदर,
जैसे कोई काँच का खिलोना चूर चूर होता है.

नज़र ने नज़र से मुलाक़ात कर ली,
रहे दोनों खामोश पर बात करली,
मोहब्बत की फिजा को जब खुश पाया,
इन आंखों ने रो रो के बरसात कर ली .